बिहार के दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक झगड़े के बाद पूरे ब्राह्मण समुदाय को आरोपी बना दिया गया है।
इस घटना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
मामला: कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में 31 जनवरी की रात को एक साधारण लेनदेन और भूमि विवाद को लेकर झड़प हुई थी।
एफआईआर (FIR): पीड़ित अशर्फी पासवान ने SC-ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें गांव के 70 ब्राह्मणों को नामजद और 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अनोखी स्थिति: ग्रामीणों का आरोप है कि एफआईआर में उन ब्राह्मणों के नाम भी शामिल हैं जो वर्तमान में गांव में नहीं रहते और दिल्ली या अन्य राज्यों में नौकरी कर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है और गांव में सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
विवाद की जड़: यह विवाद 2015 के एक पुराने मकान निर्माण के बकाया ₹2.5 लाख के लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है।
विपक्ष और स्थानीय निवासियों द्वारा इसे कानूनी दुरुपयोग का उदाहरण बताया जा रहा है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
क्या आप इस घटना से जुड़े विशिष्ट कानूनी प्रावधानों या वर्तमान स्थिति के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं?
लोगों का कहना है कि अभी SC ST एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है, लोगों का दावा भी है कि 40 % तक केस झूठ पाया जा सकता है।सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
साथ ही इस मामले में UGC को भी लताड़ा जा रहा है कि आगे भविष्य में UGC का भी दुरपयोग होगा..
