शिक्षक शब्द आते ही दिमाग में ,मन मस्तिष्क में श्रद्धा का भाव आ जाता है,शिक्षक के लिए सभी का सर झुक जाता है.
,पर आज के समय में जो जो हरकते शिक्षक कर रहे हैं वो अशोभनीय हैं,
कोई नाच रहा है,की अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है तो कोई उछल खुद करके खुद को सबसे बड़ा शिक्षक बनने को तैयार है,
पर यह सब लाइक और जायदा देखने वाले के चक्कर में शिक्षा ही भूल गया ,
पटना में जिस प्रकार से पिछले दिनों से हो रहा है यह शिक्षा जगत के लिया कलंक है.
सभी लोग खुद को महान बनाने के चक्कर में झूठ पर झूठ बले जा रहे हैं, कोई रिजल्ट की बात करता है, कोई शिक्षा की बात करता है, कोई काम पैसे की बातकरता है??
सब झूठ है,यह सब वाकई में शिक्षक नहीं है बिज़नस मैन है जो शिक्षक का खाल ओढ़े हुए हैं,
लेकिन सब ऐसे नहीं है , जो वास्तव में शिक्षक उनका काम आडम्बर झूठ से कोसों दूर रहकर सिर्फ ज्ञान देना है,.
सोचे समझे और करे विचार ,
शिक्षक कौन?????
जवाब जरूर दीजिए

