दीघा घाट से गाय घाट तक प्रमुख गंगा घाटों का लिया जायजा; मजबूत बैरिकेडिंग, सुरक्षा, पार्किंग एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर दिए आवश्यक निर्देश*पटना, 4 नवंबर 2026छठ महापर्व के अवसर पर छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के. शर्मा एवं नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा के साथ पटना के प्रमुख गंगा घाटों का निरीक्षण कर अब तक की गई तैयारियों का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाटी पुल एवं दीघा घाट से लेकर गाय घाट तक विभिन्न घाटों का भ्रमण किया।
इस क्रम में मिनार घाट, तिरानवे घाट, कलेक्ट्रेट घाट एवं जजेज घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि छठ महापर्व के दौरान काफ़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी गंभीरता एवं तत्परता के साथ ससमय सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने घाटों पर मजबूत एवं सुरक्षित बैरिकेडिंग कराने का निर्देश देते हुए विशेष रूप से कहा कि पानी के अंदर भी बैरिकेडिंग पर्याप्त मजबूती एवं सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित गहराई तक की जाए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा अथवा खतरे का सामना न करना पड़े।उन्होंने सभी खतरनाक घाटों को लाल कपड़े से घेरने तथा वहां स्पष्ट रूप से ‘खतरनाक घाट’ अंकित करने का निर्देश दिया। साथ ही छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने तथा घाटों तक पहुंचने वाले सभी पहुंच पथों की मरम्मत एवं समुचित व्यवस्था शीघ्र पूरी करने को कहा।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने सभी घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, आकर्षक सजावट, स्वच्छता, पेयजल, चेंजिंग रूम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित हों।सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की पर्याप्त संख्या में टीमें तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
भीड़ प्रबंधन, निगरानी एवं त्वरित आपातकालीन सहायता के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी पूरी तरह मुस्तैद रहें।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं कार्यकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ शेष कार्यों में तेजी लाने तथा प्रत्येक घाट पर सुरक्षा एवं सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सभी तैयारियां इस प्रकार सुनिश्चित की जाएं कि छठव्रती एवं श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में लोक आस्था का महापर्व मना सकें।
